
नैना की कहानी इस हफ्ते के सच और झूठ में एक ऐसे मोड़ पर पहुँचती है जहाँ बीते हुए पल फिर से ज़िंदा हो जाते हैं। वो घर से एक साधारण-सी पार्टी में जाने के लिए निकलती है, लेकिन उसे अंदाज़ा भी नहीं होता कि यह रात उसके लिए एक अधूरा अध्याय खोलने वाली है।
पार्टी में अचानक उसकी मुलाक़ात अर्जुन से हो जाती है, जो स्कूल के दिनों में उसका पहला क्रश था। सालों बीत चुके हैं, बातें भी नहीं हुईं, लेकिन जैसे ही दोनों आमने-सामने आते हैं, पुरानी यादें हवा में तैरने लगती हैं। नैना जितना सोच चुकी थी कि वो सब पीछे छोड़ आई है, उतना ही सब कुछ फिर से उसके सामने खड़ा नजर आता है।
थोड़ी झिझक के साथ शुरू हुई बातचीत धीरे-धीरे हंसी और पुराने किस्सों में बदल जाती है। उनके आसपास बैठे दोस्तों को भी ये मुलाक़ात एक अलग ही warmth दे देती है। ऐसा लगता है जैसे समय कई साल पीछे चला गया हो और दोनों फिर उसी फीलिंग में खो गए हों।
इस बीच शनाया का फ़ोन लगातार बजता रहता है, मैसेज आने बंद ही नहीं होते। लेकिन इस बार नैना अपने दिल की सुनती है और सब अनदेखा कर देती है। वो उस पल में रहना चाहती है, उन भावनाओं और रिश्तों से फिर से जुड़ना चाहती है जिन्हें उसने लंबे समय से छुआ भी नहीं था।
लेकिन रात सिर्फ मुस्कुराहटों पर खत्म नहीं होने वाली। बातचीत की इस परत के नीचे एक ऐसा सच दबा है जो सामने आते ही सबकुछ बदल सकता है। नैना को अंदाज़ा नहीं कि ये मुलाक़ात उसके लिए क्या लेकर आई है, पर इतना जरूर है कि कहानी अब एक नए मोड़ पर जाने वाली है।
इसके बाद जो होता है, वो आप मिस नहीं करना चाहेंगे।